ओ बादल, तेरी बारिश की हर बूँद मुझे कुछ याद दिलाती है,

 ओ बादल, तेरी बारिश की हर बूँद मुझे कुछ याद दिलाती है,

जब भी उठाता हूँ नज़र आसमान की ओर, तो एक अनदेखी सूरत नज़र आती है।

इस तन्हाई में भी, एक एहसास-ए-मोहब्बत जगाती है,

दिल में छिपी हुई, वो पुरानी चाहत नज़र आती है।

ये बारिश, ये मौसम, ये हवा,

हर पल मुझे उनकी याद दिलाती है।

एक लम्हा जो गुज़रा था उनके साथ,

आज भी मेरी रूह को छू जाती है।

                Monu kumar sharma

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