जब तक पढ़ाई का मकसद नौकरी पाना होगा तब तक समाज में नौकर ही पैदा होंगे मालिक नहीं।



क्या आप नौकरी की तलाश में है क्या आप नौकरी करना चाह रहे हो ।क्या आप नौकरी कर कर रहे हो तो इस अनुच्छेद में  कुछ ऐसे कड़वे सच को बयां किया गया है जिसे पढ़कर आपको शायद बहुत तकलीफ होगी। लेकिन क्या करूं यार सच कड़वा होता है मैं मोनू कुमार मोनू पाठशाला का क्रिएटर सफल लोगों की दुनिया में, आपका स्वागत करता हूं। 


 मुझे याद है जब बचपन में खिलौना मांगा करता था ,खिलौना टूट जाएगा यह लाइन सुनने को मिलता था। जब सब बाइक से आते थे हमारे पास साइकिल हुआ करता था तब अंदर से हमारा जमीर हिलता था।  जब पापा के चेहरे पर एक चमक होती थी तो खुशी से झूम लेता था, जब पॉकेट मनी नहीं मिल पाती थी तो कभी-कभी मां का आंचल चूम लेता था। पापा का चमकता हुआ चेहरा झुर्रियों में बदल गया लेकिन जिंदगी नहीं बदली। बचपन से एक ही चीज सिखाई गई थी और आज भी यही सिखाई जाती है बेटा अच्छे से पढ़ाई करो और अच्छी जॉब मिलेगी। किसी को नमस्ते करो तो आशीर्वाद में यही सुनने को मिलता है कि तेरी अच्छी जॉब लग जाएगी ।लेकिन जिसने भी यह सिस्टम बनाया ना उसको मैं दिल से सलाम करता हूं वाह कैसा सिस्टम बनाया। ये लोग जिंदगी भर उसी में उलझ कर रह जाते हैं कभी बाहर ही नहीं निकलते ,कभी नहीं ।जब बच्चा पैदा होता है तो यही रट लगाता है कि मेरा बेटा डॉक्टर बनेगा इंजीनियर बनेगा सरकारी नौकरी करेगा । ये बनेगा वो बनेगा लेकिन किसी ने यह कभी कहा ही नहीं कि मेरा बेटा अमीर बनेगा बचपन से लेकर आज तक घर में, समाज में 22 सालों तक इंतजार रहता है कि मेरे बेटे को कोई कंपनी अच्छी जॉब दे दे लेकिन एक बार किसी ने नहीं बोला कि मेरा बेटा एक कंपनी खोलेगा और लाखों लोगों को जॉब देगा, ऐसा किसी ने कहा ही नहीं ।तो फिर कैसे कोई अमीर बनेगा यार ,जिसको कभी यह माहौल ही नहीं मिला, जिसके दिल में सपनों का वह फूल ही नहीं खिला, समय के तूफान में वो सपनों का दम तोड़ दिया ,जिंदगी की लकीर  ने वह रास्ता ही मोड़ दिया, दुनिया के ताने के डर से वह सपनों को ही छोड़ दिया, जो कभी सोचा करता था की मां मैं भी टाटा बिरला बनूंगा और मैं बहुत सारे पैसे कमाऊंगा ।क्योंकि तुम्हें तो ही सिखाया गया ना पैसा कमाना आसान नहीं होता, जब कुछ करने की कोशिश करते हैं तो यही सुनने को मिलता है ना ,कि बाल धूप में ऐसे ही सफेद नहीं हुए जितना तुम्हारा उम्र है उतना मेरा तजुर्बा है ,अरे टकली कराकर आग में झोंक दो उस सफेद बालों को और कबाड़ी में भेज दो तजुर्बे को इतना ही तजुर्बा होता ना तो आज यहां खड़े होकर फ्री का advise नहीं दे रहे होते।


बल्कि किसी मैगजीन और  newspaper के front पेज पर होते ,इतना ही तजुर्बा होता ना तो ₹20 किलो के टमाटर के लिए पूरे मार्केट में नहीं घूमते कि कहीं ₹2 सस्ता मिल जाए, और बस में 12 साल के बच्चे को 5 साल बताकर भाड़ा कम नहीं करवाते ,तजुर्बा, बड़ा अच्छा मजाक कर लेते हो ,किसकी  बातें सुन रहा है उन लोगों की जो जिंदगी में कुछ उखाड़ा ही नहीं ।जो लोग लोमड़ी बनकर कर भाग गया स्ट्रगल के आगे। जो कभी शेर की तरह दहाड़ा  ही नहीं। यह लोग तुझे क्या सिखाएंगे कि पैसे कैसे कमाते हैं ,और अमीर कैसे बनते हैं। एक बार जा, और झांक अपने घर में ,अपनी सोसाइटी में, अपने शहर में ,है कोई ऐसा जो उस लाइफ जी रहा है जो तुम जीना चाहता है। हैं कोई ऐसा जो इतना पैसा कमा रहा है जितना तू कमाना चाहता है ।है कोई ऐसा जो उस कार में घूमता है जिस कार का सपना देखता है ,शायद उस सपने का फोटो तुम्हारे दीवार पर भी है ,अरे कोई है ऐसा  जिसने उतना नाम कमा लिया जितना तुम कमाना चाहता है ,जितना तुझे चाहिए ।


झांक यार  झांक ,पता चला कुछ यह लोग तुझे फालतू के राय देने में लगे हुए हैं ऐसा करो , वैसा करो , कौन होते हैं यह तुम्हें राय देने वाले जो उन्होंने यह कभी हासिल किया ही नहीं, शायद जिंदगी में इतना पैसा कभी देखा ही नहीं ।वो कार वह नाम ,वह स्टारडम । कभी  महसूस ही नहीं किया वह क्या बताएंगे तुझे कि क्या करना है, और नहीं, देख यार सिंपल सी बात है अगर तू वह करेगा ना जो सब करते हैं तो तुझे वहीं मिलेगा जो सबको मिलता है। लेकिन तू ओ करेगा जो किसी ने आज तक किया ही नहीं तो तुझे वही मिलेगा जो आज तक किसी को नहीं मिला। तो देखो सपने, सोचो बड़ा किसी को औकात नहीं है कि तुझे रोक सके, किसी के रास्ते पर मत चलो अपना रास्ता खुद बना और पुरूफ  कर दो इस नकली दुनिया को ,तुम सही हो,वो गलत अपने आप से वादा करो । चाहे जिंदगी में कुछ भी हो जाए इनके जैसे जिंदगी नहीं होगी। मैं इस 9:00 से 5:00 के खूंटे  में बनने के लिए नहीं पैदा हुआ हूं मैं किसी का नौकर बनने के लिए नहीं ।बल्कि अपने मां-बाप का राजकुमार और अपनी जिंदगी का राजा बनने के लिए पैदा हुआ। नहीं जीनी है इसी लाइफ जहां हर कदम पर बहाना करना पड़े ।अरे खिलौना बनता ही है टूटने के लिए ,बहाना करते हैं लोग कि बेटा खिलौना टूट जाएगा। क्योंकि पैसा नहीं होते मजबूर होते हैं ,जिंदगी के थपेड़ों में चूर चूर होते हैं ,तो यार पेन उठाओ। लिख दो अपनी कहानी ।लिख डाल  तुम्हारी कोई सीमा नहीं ।



जब तक पढ़ाई का मकसद नौकरी पाना होगा ,तब तक समाज में नौकर ही पैदा होंगे,मालिक नहीं।

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